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भारत का सबसे बड़ा रसोईघर पुरी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर का है। यहाँ भगवान जगन्नाथ को महाप्रसाद जिसे अब्धा कहा जाता है, चढ़ाने के लिए लगभग ५०० रसोइये लगे हैं। छप्पन प्रकार के भोग तैयार करने के लिए ३०० सहयोगी इन रसोईयों की सहायता करते हैं।
मध्य प्रदेश के साँवेर नामक स्थान पर स्थित भगवान हनुमान का एक विशेष मंदिर उलटे हनुमान के नाम से मालवा क्षेत्र में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इसमें हनुमानजी की उलटी मूर्ति स्थापित है।
मानव की कोशिका के डी एन ए की कुल लंबाई लगभग छः फीट होती है।
राष्ट्रपति भवन की गुलाब वाटिका, जो मुगल उद्यान का एक अंश है, में २५० से अधिक किस्मों के गुलाब हैं, यह जन साधारण के लिए प्रति वर्ष फरवरी माह में खुलती है।
मेडागास्कर से गुलमोहर का विकास पूरे विश्व में हुआ पर अब वहाँ यह लुप्त होने की दशा में है। इसलिए इसकी मूल प्रजाति को संरक्षित वृक्षों की सूची में शामिल कर लिया गया है।
रेफ्लीसिया एक बहुत ही आश्चर्यजनक पौधा है, इसका फूल वनस्पति जगत के सभी पौंधों के फूलों से बड़ा है जिसका वजन ७ किलोग्राम तक हो सकता है।
मॉरीशस द्वीप विलुप्त हो चुके डोडो पक्षी के अंतिम और एकमात्र घर के रूप में भी विख्यात है।
सदाफूली या सदाबहार नामक फूल के गुणों से प्रभावित होकर नेशनल गार्डेन ब्यूरो ने सन २००२ को सदाबहार वर्ष या इयर आफ़ विंका घोषित किया था।
मुगल उद्यान, दिल्ली में अकेले गुलाब की ही २५० से अधिक प्रजातियाँ हैं।
कुम्हड़े नामक सब्जी की सबसे बड़ी प्रजाति मैक्सिमा का वजन ३४ किलोग्राम सो भी अधिक होता है।
भारत का राष्ट्रपति भवन, विश्व के किसी भी राष्ट्रपति आवास से अधिक बड़ा है।
मुंबई के मुख्य रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस का पुराना नाम विक्टोरिया टर्मिनस था। आज भी इसे बोलचाल की भाषा में अक्सर "वीटी" कहते हैं।
जीवाणु एक एककोशिकीय जीव है । इसका आकार कुछ मिलिमीटर तक ही होता है ।
गुड़हल की दो सौ से अधिक प्रजातियाँ होती है और इसका उपयोग केश-तेल से लेकर चाय तक अनेकों वस्तुओं में होता है।
१९७९ में हुई ईरान की इस्लामिक क्रांति, जिसके बाद ईरान को इस्लामिक गणराज्य घोषित कर दिया गया था, को फ्रांस की राज्यक्रांति और बोल्शेविक क्रांति के बाद विश्व की सबसे महान क्रांति कहा जाता है।
देहरादून जिला उत्तर में हिमालय से तथा दक्षिण में शिवालिक पहाड़ियों से घिरा हुआ है। इसमें कुछ पहाड़ी नगर अत्यंत प्रसिद्ध है जैसे मसूरी, सहस्रधारा और चकराता।
क्रांतिकारी यतीन्द्रनाथ मुखर्जी का नाम बाघा यतीन इसलिए पड़ा कि जंगल में शेर द्वारा आक्रमण कर देने पर उन्होंने वीरता से लड़ते हुए उसे हरा दिया था।
घरेलू गौरैया एक ऐसा पक्षी है जो पालतू न होने पर भी मनुष्य के आसपास ही रहना पसंद करता है।
राजस्थान में सुंधा माता नामक एक ऐसा पर्वत है जहाँ खंडित मूर्तियों को रखना पवित्र माना जाता है।
सर रॉनल्ड रॉस ने मलेरिया परजीवी की खोज २० अगस्त १९८९ को की थी। इस कार्य हेतु उन्हे 1902 का चिकित्सा नोबेल मिला।
महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली वंदना जोशी को रंगोली बनाने में महारत हासिल है। वह पानी के ऊपर रंगोली बनाने वाली विश्व की पहली महिला हैं और वह दुनिया की सबसे बड़ी रंगोली बनाकर गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।
कथाकार प्रेमचंद ने एक फिल्म की कहानी भी लिखी थी। यह फिल्म १९३४ में मजदूर नाम से बनी थी।
हिन्दू मापन प्रणाली में श्रीमद्भग्वदगीता के अनुसार "सहस्र-युग अहर-यद ब्रह्मणो विदुः", अर्थात ब्रह्मा का एक दिवस = 1000 महायुग = 4 अरब 32 खरब सौर वर्ष,का होता है।
होली केवल एक पर्व ही नहीं संगीत की एक विधा भी है। लोक संगीत के साथ साथ होली को शास्त्रीय या उप-शास्त्रीय संगीत में ध्रुपद, धमार, ठुमरी या चैती के रूप में भी गाया जाता है।
मूल रूप से मध्य एशिया का निवासी ज़हीर उद-दिन मुहम्मद (१४ फरवरी १४८३ - २६ दिसम्बर १५३०) जो बाबर के नाम से प्रसिद्ध हुआ, एक मुगल शासक था, जिसने भारत में मुगल वंश की स्थापना की। वह तैमूर लंग का परपोता था और स्वयं को चंगेज खां का वंशज मानता था ।
क्रांतिकारी यतीन्द्रनाथ मुखर्जी का नाम बाघा यतीन इसलिए पड़ा कि जंगल में शेर द्वारा आक्रमण कर देने पर उन्होंने वीरता से लड़ते हुए उसे हरा दिया था।
संकलन:
(आशुतोष पाण्डेय / अंजू )
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एजुकेशन मंत्रा के पाठकों को प्रकाश पर्व दीपावली की सादर शुभकामनायें।
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(ASHUTOSH PANDEY )
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EDUCATION MANTRA, Haldwani. Uttrakhand.
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It's not a special thing for special people. It can be comman thing for very common people. Difference is in attitude.
सफलता विशेष लोगों के लिए बनी कोई विशेष चीज नहीं है। यह तो एक आम आदमी के लिए काफी आम बात है।
बस फर्क है तो वो है नजरिये का।
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नई दिल्ली, इस वर्ष का रेल बजट बिल्कुल वैसा ही रहा जैसी की संभावना जताई जा रही थी लालू का जादू इस वर्ष भी सिर चढ़ कर बोला । बजट पेश करने से पहले ही ऐसा लग रहा था कि यूपीए सरकार अगले साल निर्धारित संसदीय चुनावों से पहले अपने आख़िरी रेल बजट में कुछ लोक- लुभावनी घोषणाएँ कर सकती हैं. और ठीक ऐसा ही हुआ. सबकी नज़रें यात्री किरायों में होने वाली फेरबदल पर थी और लोकसभा में भारी शोर शराबे के बीच रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने यात्री किराया घटाने की घोषणा कर दी. उन्होंने समाज के सभी तबकों का इसमें ध्यान रखने की कोशिश की और सभी श्रेणियों के किराए कम कर दिए. कुलियों को भी तोहफ़ा दिया. उन्हें गैंगमैन के रुप में नियुक्त करने की घोषणा हुई. हर साल की तरह इस साल भी नई रेलगाड़ियाँ चलाने की घोषणा की गई और उस पर हंगामा भी हुआ. इस वर्ष दस नए गरीब रथ और 53 नई रेलगाड़ियाँ चलाने की घोषणा की गई. दक्षिणी राज्यों के सांसदों ने बजट के दौरान शोर शराबा किया. उनकी शिकायत यह थी उन्हें इस बजट से कुछ ख़ास हासिल नहीं हुआ है. रेल मंत्री ने सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए यात्रियों के लिए 'आराम और सुविधा' को रेलवे का मूलमंत्र बताया।
(आशुतोष पाण्डेय)
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पृथ्वी का द्रव्यमान क्या है?
पृथ्वी का वज़न जानने के बजाय यह पूछना बेहतर होगा कि पृथ्वी का द्रव्यमान क्या है क्योंकि वज़न गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से तय होता है. उदाहरण के लिए एक गेंद का वज़न पृथ्वी पर जितना है वह चंद्रमा पर केवल उसका छठा हिस्सा होगा लेकिन द्रव्यमान वही रहता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पृथ्वी का द्रव्यमान लगभग 60 करोड़ खरब टन है. यानी 6 के बाद आपको 21 शून्य लगाने पड़ेंगे. वज़न का अनुमान इस आधार पर लगाया जाता है कि पृथ्वी के आस-पास के पदार्थों के लिए उसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति कितनी है. जाने माने भौतिक शास्त्री और गणितज्ञ न्यूटन ने इसके लिए समीकरण दिया है लेकिन उसकी यहां व्याख्या करना संभव नहीं.
क्या पाकिस्तान और भारत के बीच जो नियन्त्रण रेखा है उसे भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा मान लिया है?
जी नहीं. यह एक कृत्रिम सीमा रेखा है जो कश्मीर को बांटती है. जब 1947 में भारत को आज़ादी मिली तो ब्रिटिश सरकार ने सत्ता उन कई सौ रियासतों को सौंप दी जो उनके लिए कर वसूली किया करते थे और यह फ़ैसला उनपर छोड़ दिया गया कि वो भारत में शामिल हों या पाकिस्तान में. कश्मीर के राजा ने दोनों से अलग रहने का फ़ैसला किया. 1948 में पाकिस्तान के क़बायलियों ने सरकार की मदद से कश्मीर पर हमला किया, कश्मीर के राजा ने भारत से मदद मांगी, भारत सरकार ने शर्त रखी कि पहले भारतीय संघ में शामिल हों तब मदद भेजी जाएगी. राजा मान गए तो भारत ने सेना भेजी और हमले को रोका लेकिन जितने हिस्से पर उनका क़ब्ज़ा हो गया था वह बना रहा. भारत ने मामला संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में उठाया. पाकिस्तान और भारत दोनों से मांग की गई कि अपनी सेनाएं हटाएं जिससे कश्मीर में जनमत संग्रह कराया जा सके लेकिन दोनों देशों ने इस पर अमल नहीं किया और कश्मीर की समस्या बनी रही. भारत अपने हिस्से को जम्मू कश्मीर कहता है और पाकिस्तान अपने नियंत्रण वाले इलाक़े को आज़ाद कश्मीर और दोनों के बीच है नियंत्रण रेखा.
इस्लाम में पीर, फ़कीर, वली और औलिया कौन होते हैं?
पीर शब्द का प्रयोग बुज़ुर्ग व्यक्ति के लिए किया जाता है. फ़कीर वो होते हैं जो फ़क्र को अपनाते हैं यानी जो त्याग करते हैं सब चीज़ों से नाता तोड़ लेते हैं अपने पास कुछ नहीं रखते. वली वो होते हैं जो अल्लाह को समर्पित हैं जो उसके बंदो की सेवा को अपना धर्म समझते हैं और प्यार बांटते हैं. वली का बहुवचन औलिया है.
पेट के अवयव स्प्लीन का क्या कार्य है. इसके आकार के बढ़ने का क्या कारण है और इसका क्या उपचार है?
स्प्लीन या तिल्ली, उदर में स्थित एक अवयव है जिसका काम है पुरानी लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट करना और रक्त का भंडारन. यह हमारे उदर के ऊपरी बाएं हिस्से में पेट के पीछे स्थित है. एक सामान्य व्यक्ति की तिल्ली का वज़न 150 ग्राम होता है लेकिन कभी-कभी यह बढ़ जाती है. इसके कई कारण हो सकते हैं. वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण, मलेरिया, जिगर के रोग, रक्त कैंसर आदि. इसका इलाज ऐन्टी बायटिक और अन्य दवाओं से किया जाता है. कभी कभी रेडियेशन थैरेपी इस्तेमाल की जाती है और अगर इससे भी काम न चले तो इसे शल्य चिकित्सा करके निकालना पड़ता है. हम तिल्ली के बिना जी सकते हैं लेकिन हमें संक्रमण जल्दी हो जाते हैं.
ब्लू चिप कंपनी क्या होती है?
ब्लूचिप कंपनी की साख मज़बूत होती है ब्लू चिप का मतलब है राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त, सर्वसम्पन्न और स्थिर अर्थव्यवस्था वाली कंपनी. यह एक तरह से मापदंड होता है जिसमें किसी कंपनी को हम ब्लू चिप तभी कहते हैं जब वह ढलती अर्थव्यवस्था में भी सामान्य ढंग से व्यापार कर सके और मुनाफ़ा कमा सके. इन कंपनियों का व्यापार देश विदेश में फैला होता है इसलिए अगर किसी एक देश की अर्थव्यवस्था ढीली पड़ भी जाए तो ये दूसरे देशों में अपने व्यापार द्वारा ये अपने मुनाफ़े को बनाए रखते हैं. ब्लू चिप नाम ताश के खेल पोकर से आया है जिसका अर्थ होता है सर्वोच्च क़ीमत.
भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त कौन थे?
भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त थे सुकुमार सेन जो 21 मार्च 1950 से लेकर 19 दिसंबर 1958 तक इस पद पर रहे. चुनाव आयोग का काम होता है देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं. इनका कार्यकाल छह साल का होता है. उन्हें संसद द्वारा महाअभियोग लगाकर ही पद से हटाया जा सकता है.
भारत का सबसे धनी व्यक्ति कौन है अनिल अंबानी या लक्ष्मी मित्तल?
अमरीका की उद्योग और व्यवसाय जगत की पत्रिका फ़ोर्ब्स के अनुसार लक्ष्मी मित्तल भारत के सबसे धनी व्यक्ति हैं. उनकी सम्पत्ति 32 अरब डॉलर आंकी गई है. दूसरे नंबर पर मुकेश अंबानी हैं जो 20 अरब 10 करोड़ डॉलर की सम्पत्ति के मालिक हैं और तीसरे नंबर पर आते हैं अनिल अंबानी जिनकी संपत्ति 18 अरब 20 करोड़ डॉलर बताई जाती है.
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भारत और रूस वर्ष २०१० तक आपसी व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं.
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक व्यापक आर्थिक सहयोग सहमति पर चर्चा चल रही है जिसके तहत दोनों देश अपने बाज़ार एक-दूसरे के लिए और अधिक खोलने पर विचार करेंगे. भारत की दो दिन की यात्रा पर आए रूसी प्रधानमंत्री विक्टोर ज़ुबकोव ने कहा, "अगर हम तीस प्रतिशत की दर से आपसी व्यापार बढ़ाते रहे तो हम 10 अरब डॉलर के आँकड़े तक पहुँच जाएँगे जो कि अभी के व्यापार से दोगुना होगा."
इंडो-रशियन फ़ोरम ऑन ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट की बैठक को संबोधित करते हुए रूसी प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि भारत और रूस के बीच आपसी व्यापार के क्षेत्र में ढेर सारी संभावनाएँ हैं.
मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बातचीत में रूसी प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश तेल, गैस, खनन, टेक्नॉलॉजी और परिवहन के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग के लिए तैयार है.
भारत के व्यापार परिसंघों फिक्की और सीआईआई की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में रूसी प्रधानमंत्री ने कहा कि रूस के ऊपर भारतीय मुद्रा में जो रक़म बकाया है उसे उड़ीसा की एक 
टाइटेनियम परियोजना में लगाया जा रहा है. भारतीय वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि रूस के सहयोग से उड़ीसा में टाइटेनियम ऑक्साइड बनाने का संयंत्र लगाया जा रहा है. साझा कार्यदल जटिल व्यापारिक मुद्दों पर विचार कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाया जा सके
उन्होंने कहा, "भारतीय मुद्रा में हमारे ऊपर जो उधार है उसे हम भारतीय अर्थव्यवस्था में लगा रहे हैं."
भारत और रूस का एक साझा कार्यदल बाज़ारों को एक-दूसरे के लिए खोलने के तरीक़ों पर विचार कर रहा है.
ज़ुबकोव के साथ भारत के दौरे पर आए रूसी वाणिज्य मंत्री ईएस नबीउल्लीना ने कहा कि "साझा कार्यदल जटिल व्यापारिक मुद्दों पर विचार कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाया जा सके." कमलनाथ ने कहा कि रूसी कंपनियाँ भारत से इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, विमानन और टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में सहयोग करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि रूसी कंपनियाँ दूरसंचार के क्षेत्र में भारत में हो रही प्रगति से बहुत प्रभावित हैं।
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Education Mantra organised A Four Days Workshop on Advance Learning System inHaldwani at GGIC Haldwani. Ashutosh Pandey trained more than 1500 Students for fast learning and Remember techniques. He teaches the Students how they can Remember the Definitions, Facts, Formulas and Units in single effort. After successful Completion of Workshop more than 50 New Students Join the Coaching for Mathematics, Physics, Chemistry.
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Geet Education Academy Organised a Group Discussion among their Students. There were two groups Favour and in Oppose. All aspirants participates in full boom. But Group Lead By Gaurav Yadav won. second group in favour leads by Miss Priyanka. The best aspirants declared Miss Shila the youngest participator. The Group Discussion is Co-ordinated By Mr. Raghav Bansal. Final result declared by Dr. ASHUTOSH PANDEY.
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जल्द से जल्द आप को मिलेगा अपनी एजुकेशनल समस्यायों का सीधा समाधान। अपने सवालों के जवाब।
हमसे जानिए कैसे होतें हैं सफल।
हमसे पूछिए अपने सवाल।
हमसे जानिए याद करने के आसन तरीके। जैसे आप याद करें और कभी ना भूलें।
हम बतायेंगे हर विषय को पढ़ने और याद रखने के नुस्खे।
आप की पढ़ने की स्पीड कई गुना बढ़ जायेगी।
आशुतोष पाण्डेय
+919837426072
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It's not a special thing for special people. It can be comman thing for very common people. Difference is in attitude.
सफलता विशेष लोगों के लिए बनी कोई विशेष चीज नहीं है। यह तो एक आम आदमी के लिए काफी आम बात है।
बस फर्क है तो वो है नजरिये का।
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ASHUTOSH PANDEY
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ASHUTOSH PANDEY
Bhagawan Pur Bichla
P.O. Katghriya Dist. Nainital
Uttrakhand
India.
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गोलू देवता इष्ट देव और न्यायाधीश के रुप में पूजे जातें हैं। भारत के उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले में स्थित चितई नामक स्थान में गोलू देवता का मंदिर अपने चमत्कारों के लिए सारे विश्व में जाना जता है। न्याय के देवता के रुप में पूजे जाने वाले गोलू देवता का यह मंदिर हजारों घंटियों से ढका है। ये घंटियाँ लोग अपनी मन्नत पूरी हो जाने के बाद यहाँ आकर चढातें हैं। कोर्ट में लंबित मुकदमों में जीत के लिए लोग यहां आकर गुहार करतें हैं और माना जाता है कि गोलू देव दूध का दूध और पानी का पानी कर देतें हैं। आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग उनके इस न्याय को स्वीकार करता है। इस मंदिर में सारे साल कभी भी आकर पूजा की जा सकती है। देश ही नहीं विदेश से भी लोग आकर मन्नत मांगते हैं और कई चमत्कारों को देख कर विदेशी नत - मस्तक हो जातें हैं। जीवन कि व्यक्तिगत, सामाजिक, आर्थिक, मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक सभी समस्याओं का हल गोलू देवता कर देतें हैं। वास्तव में यह एक चमत्कार से कम नहीं है की एक मनुष्य अपनी साड़ी समस्याओं का हल एक ही ईश्वर एक ही बार में कर देता है। जब भी आप परेशान हो तो सिर्फ एक बार गोलू देवता से प्रार्थना अवश्य कीजियेगा।
आशुतोष पाण्डेय
चितई अल्मोड़ा से।
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गोलू देवता कूमायूं कि संस्कृति और आस्था के प्रतीक हैं। न्यायाधीश के रुप में जाने जाने वाले इस देवता की प्रतिष्ठा इतनी अधिक है कि लोग इन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी ऊपर मानतें हैं। न्याय के लिए गुहार करने वाले लोगों का विश्वास है कि गोलू देवता सही न्याय करतें हैं। भारत में उत्तराखंड राज्य के अल्मोडा जिले में अल्मोडा से ६ कि मी दूरी पर स्थित इस मंदिर में लाखों लोग हर साल मन्नत मांगने आतें हैं। मन्नत पूरी होने पर घंटियाँ चढ़ाने का रिवाज है। इस मंदिर में हजारों कि संख्या में घंटिया टाकी गयी हैं। अभी तक लाखों लोग गोलू देवता के इस न्याय से अपनी जिंदगियां बदल चुके हैं।
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Poor children in India begin working at a very young and tender age. Many children have to work to help their families and some families expect their children to continue the family business at a young age.India has all along followed a proactive policy in the matter of tackling the problem of child labour. India has always stood for constitutional, statutory and developmental measures that are required to eliminate child labour in India. Indian Constitution consciously incorporated relevant provisions in the Constitution to secure compulsory universal elementary education as well as labour protection for children.
Though most children begin working at a young age due to economic reasons, doing so allows them to break from some social constraints.
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Hello Students,
Geet has opened the admissions for coaching for all classes from 1st to 12th for CBSE and Uttrakhand boards. We deals in all subjects and Streams. Seats are limited for admission or query call +919837426072.
Send mail at geetedu@gmail.com.
Ashutosh Pandey
M.Sc. Ph.D (Mathematics)
CEO, GEET
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गीत एजुकेशन अकादमी हल्द्वानी Uttrakhand (यू पी प्रदेश पी सी एस) के लिए विशेष कोचिंग क्लास चला रहा है। इस क्लास में Indian history, General Studies, की क्लास विशेषज्ञों के द्वारा ली जाएँगी। प्रवेश जारी हैं। प्रवेश के लिए सम्पर्क करें।
email: geetedu@gmail.com
मोबाइल: 09837426072
09759766561
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What is superconductivity? How was it discovered? What are the properties of superconductors, how are they applied now, and how are they likely to become widely used in the near future? These are just some of the questions...for answer these question pl mail to geet international team. our E mail ID: geetedu@gmail.com
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दया मृत्यु यानि Euthanasia एक ऐसी मौत है जो इन्सान खुद के लिए मांगता है। दुनिया के कई देशों में इसे बकायदा कानूनी मान्यता प्रदान है। जब इन्सान अपने जीवन से परेशान हो जाता है तो वह अपने लिए मौत कि मांग कर सकता है। लेकिन इसकी आड़ में आत्महत्या को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। डाक्टर खुद अपनी मर्जी से किसी के लिए मौत का इंतजाम नहीं कर सकता है। दया मृत्यु में मरीज की इच्छा के चलते ही उसे मौत दीं जा सकती है। इस बारे में हम अपके विचार आमंत्रित करतें हैं। अपने विचार हमें E-mail geetedu@gmail.com पर भेंजे। सर्वश्रेष्ठ विचार को प्रकाशित किया जाएगा और मुफ़्त कोचिंग दीं जायेगी।
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THIS QUESTION was the topic for regional competition of the fourth inter-institutional L. N. Birla National debate recently held at Chennai. Students from city colleges and schools, who participated in the debate, discussed this complex issue with ease and clarity. Some of the views expressed therein deserve closer scrutiny. While a few participants argued that freedom to die should be made a fundamental right, others opposed it on ethical grounds.
Legal dilemmas
Euthanasia (eu = good, thanatos = death) drew attention of Indian doctors and sociologists in April 2002, when the Dutch Parliament legalised it (actually in practice there for two decades) making the Netherlands the only country in the world to do so. Earlier, Oregon became the only State in the U.S. to pass the "Death with Dignity Act" in 1997 enabling patients to administer lethal injections themselves. Here the patient (instead of doctor) practises euthanasia with legal sanction.
Euthanasia is of three types: active (sticking a lethal injection), passive (withdrawing of life support systems) and death by double effect (through heavy doses of pain killers hastening the end). Any one of the above is in vogue in many countries.
The Hindu editorially observes (April 21, 2002): "Surveys in European countries indicate that many thousands of people are routinely assisted to die by doctors in one of the two latter ways every year."
In certain cases, there is the seal of approval too. For instance, recently a U.K. family court granted the right to die to a 43-year old woman, paralysed from the neck downwards, who wanted to have her ventilator switched off.
This is yet another case of granting legal sanction to passive euthanasia, a judicial exemption to the law of land. Similarly, in Columbia doctors are not held responsible if they followed terminally ill patient's request for mercy killing. Among the proponents of euthanasia, Dr. Jack Kevorkian (known as Dr. Death) who claimed that he had helped more than 130 people die since 1990 is unique. In an extreme case, he not only administered the lethal injection to Thomas Youk suffering from a wasting disease, but also made a "60 minute TV programme" of the process. Terming this as audacious, Judge Jessica Cooper awarded `Dr. Death' 10-25 year prison sentence for murder in April 1999 under the law of State of Michigan. Although Dr. Kevorkian styles himself as a crusader comparable to Dr. Martin Luther King, he had little support from his compeers. The American Medical Association blamed him for perverting physician-patient relationship, which weakened public trust in medical profession.People are naturally apprehensive that the ongoing happenings elsewhere will have a ripple effect in India too.
Two cases of Indian courts turning down requests of the patients to die were reported in the year 2001. The Patna High Court dismissed Tarakeshwar Chandravanshi's plea seeking mercy killing for his 25-year-old wife Kanchan, who had been comatose for 16 months. Again the Kerala High Court said no to the plea of BK Pillai, who had a disabling illness, to die. In spite of clear legal mandates, passive euthanasia, although sporadic, is prevalent in India. Here is an illustrative report from India Today (April 15, 2002):
"One case was of 59 year-old Neena Bonarji, an international bridge player who was suffering from progressive lung disease for three years and was being treated at Delhi's Ganga Ram hospital, had instructed her daughter Nisha Bhambani to put her off the ventilator when the time came. `When my mother slipped to 100 per cent supplementary support, we did what she had wished for,' says Bhambani. Within an hour, Bonarji passed away."
Although mercy killing appears morally justifiable (especially in brain dead patients whose organs can be donated to save other lives) in case of incurable diseases, doctors should be doubly careful, since they run the risk of attracting punishment for murder under section 302 of the Indian Penal Code. Dr. P.K. Dave, former director of the All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi, emphasised: "even if the relatives insist, we never opt for it."
Safeguards
Euthanasia is a twin-aged weapon. While most patients who opt for mercy killing may be terminally ill with absolutely no chances of recovery, there are chances of misuse like wrong diagnosis, hallucinations of patients and collusion of patient's relatives and doctors. To tackle this problem pragmatically, all such cases should be reviewed by a panel of experts including physicians, neurologists, psychiatrists, psychologists and lawyers et al. In any case, judicial approval should be taken in all cases.
P.V.L.N. RAO
Courtesy THE HINDU for original story log on
http://www.hindu.com/op/2003/11/25/stories/2003112500341600.htm
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Geet has opened the admissions for coaching for all classes from 1st to 12th for CBSE and Uttrakhand boards. We deals in all subjects and Streams. Seats are limited for admission or query call +919837426072. Send mail at geetedu@gmail.com.
Ashutosh Pandey
M.Sc. Ph.D (Mathematics)
CEO, GEET
Posted by
GEET Education
at
2:57 AM
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